
कॉलेज लाइब्रेरी में पूर्व प्रेमिका को चोदा
अयान, एक लंबा, काले बालों वाला लड़का, जिसकी गहरी भूरी आँखें और मांसल शरीर था, कॉलेज की लाइब्रेरी में एक टेबल पर झुका हुआ था, उसकी नाक एक मोटी पाठ्यपुस्तक में दबी हुई थी। पुराने कागज़ की महक हवा में भर गई थी, जो बाहर की बूंदाबांदी से बारिश की हल्की गंध के साथ मिल रही थी। वह कॉलेज के अपने अंतिम वर्ष में था, इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, और परीक्षाओं का दबाव उसे परेशान करने लगा था। उसकी उंगलियाँ पन्ने पर शब्दों को छू रही थीं, लेकिन उसका दिमाग कहीं और था।
निशा, एक दुबली-पतली लड़की, जिसके लंबे, लहराते काले बाल और गर्म, बादाम के आकार की आँखें थीं, लाइब्रेरी में दाखिल हुई, उसके कदम लकड़ी के फर्श पर धीरे-धीरे गूंज रहे थे। वह भी अपने अंतिम वर्ष में थी, साहित्य में स्नातक की पढ़ाई कर रही थी, और आने वाली समयसीमाओं के तनाव ने उसे अकेला महसूस कराया था। उसकी आँखें अलमारियों को स्कैन कर रही थीं, एक शांत कोने की तलाश में जहाँ वह ध्यान केंद्रित कर सके।
जब वह एक कोने में मुड़ी, तो उसने अयान को देखा। उसने ऊपर देखा, उसकी आँखें उसकी आँखों से मिलीं। उसके होठों पर एक छोटी सी मुस्कान खेल रही थी। “निशा,” उसने धीरे से अभिवादन किया “मैंने तुम्हें कई दिनों से नहीं देखा।”
“अयान,” उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। “मैं किताबों के नीचे दबी हुई हूँ। तुम भी, मुझे लगता है?”
उसने सिर हिलाया, अपने सामने खाली कुर्सी की ओर इशारा करते हुए। “मेरे साथ बैठो? हम साथ में पढ़ सकते हैं।”
निशा ने मुस्कुराते हुए सीट पर बैठते हुए कहा। “साथ में पढ़ो? यह रोमांचक लगता है।”
“या रोमांटिक,” उसने अपनी कुर्सी पर पीछे झुकते हुए कहा। “तुम सच में कैसी हो?”
“थकी हुई हूँ,” उसने स्वीकार किया। “लेकिन यह लगभग खत्म हो गया है। बस कुछ और महीने।”
अयान ने हाथ बढ़ाया, उसका हाथ उसके हाथ पर थाम लिया। “हम इससे बाहर निकल जाएँगे, निशा। साथ में।”
कमरा शांत था, खिड़कियों पर बारिश की हल्की फुहारें ही एकमात्र आवाज़ थीं। उनकी आँखें एक-दूसरे से मिल गईं, और अयान को अपने भीतर एक परिचित लालसा की हलचल महसूस हुई। वह झुक गया, उसकी आवाज़ धीमी थी। “मुझे तुम्हारी याद आ रही थी।”
निशा की साँसें रुक गईं, जब उसके होंठ उसके होंठों से टकराए। चुंबन कोमल, कोमल था, और भी अधिक का वादा। वह उसके पास झुक गई, उसका हाथ उसके चारों ओर कस गया। जब वे अलग हुए, तो उनके चेहरे एक-दूसरे से कुछ इंच की दूरी पर थे।
“मैंने भी तुम्हें याद किया है,” उसने फुसफुसाया।
अयान का अंगूठा उसके जबड़े की रेखा को छू रहा था, उसकी आँखें उसके होंठों पर टिकी हुई थीं। “क्या मैं…क्या मैं तुम्हें फिर से चूम सकता हूँ?”
निशा ने सिर हिलाया, उसकी आँखें बंद हो गईं, क्योंकि उसके होंठ एक बार फिर उसके होंठों से मिल गए। इस बार, चुंबन गहरा, अधिक तीव्र था। उनकी जीभें मिलीं, नाचीं, और खोजबीन की। अयान का हाथ उसकी बाँह पर फिसला, उसकी उंगलियाँ उसके बालों में उलझ गईं।
निशा ने एक नरम कराह निकाली, उसका शरीर उसके शरीर से सटा हुआ था। वह महसूस कर सकती थी कि उसका दिल उसकी छाती पर धड़क रहा था, जो उसकी अपनी तेज़ लय से मेल खा रहा था। उसका हाथ उसकी पीठ पर चला गया, उसकी उंगलियाँ उसकी रीढ़ की हड्डी के वक्र को छू रही थीं।
“अयान,” उसने फुसफुसाया, उसकी आवाज़ लालसा से भरी हुई थी। “मैं तुम्हें चाहता हूँ।”
अयान की आँखें काली पड़ गईं, उसकी साँसें छोटी-छोटी साँसों में चल रही थीं। “मैं भी तुम्हें चाहता हूँ, निशा। किसी भी चीज़ से ज़्यादा।”
वह खड़ा हो गया, उसे अपने साथ खींच रहा था। वे कमरे के पीछे चले गए, खिड़कियों से दूर, जिज्ञासु आँखों से दूर। मेज़ लंबी और मज़बूत थी, धूल की एक पतली परत से ढकी हुई। अयान ने निशा को उस पर उठा लिया, उसके हाथ उसके कूल्हों को पकड़ रहे थे।
उसने अपनी टाँगें उसके चारों ओर लपेट लीं, उसकी बाँहें उसकी गर्दन के चारों ओर। उनके होंठ फिर से मिले, भूखे और बेताब। अयान के हाथ उसके शरीर पर घूम रहे थे, हर मोड़, हर रेखा को तलाश रहे थे। उसने उसके स्तन को थाम लिया, उसका अंगूठा उसकी शर्ट के पतले कपड़े के माध्यम से उसके निप्पल को छू रहा था।
निशा ने हाँफते हुए अपना सिर पीछे झुका लिया। अयान ने इसका फ़ायदा उठाया, उसके होंठ उसकी गर्दन पर लटक रहे थे, उसके दाँत उसके कान के लोब को काट रहे थे। वह काँप उठी, उसका शरीर उसके शरीर से सट गया।
“अयान,” उसने कराहते हुए कहा। “कृपया, मुझे तुम्हारी ज़रूरत है।”
अयान की उँगलियों ने उसकी कमीज़ के हेम को पकड़ा, उसे ऊपर खींचकर उसके सिर के ऊपर रख दिया। उसने उसे एक तरफ़ फेंक दिया, उसकी आँखें उसके शरीर को देख रही थीं। वह बहुत ही सुंदर लग रही थी, उसकी त्वचा लाल हो गई थी, उसकी साँसें छोटी-छोटी साँसों में आ रही थीं।
वह नीचे झुका, उसके होंठ उसकी ब्रा के पतले कपड़े के माध्यम से उसके निप्पल को पकड़ रहे थे। निशा चिल्लाई, उसके हाथ उसके बालों में उलझ गए। उसने चूसा, उसकी जीभ संवेदनशील कली पर फड़क रही थी। वह दूसरे स्तन पर चला गया, उस पर भी उतना ही ध्यान देते हुए, उसके हाथों ने उसकी ब्रा को खोला और उसे एक तरफ़ फेंक दिया।
निशा तड़प उठी, उसका शरीर ज़रूरत से तड़प रहा था। वह उसे महसूस कर सकती थी, कठोर और तैयार, उसके खिलाफ़ दबाव डाल रहा था। वह उनके बीच पहुँच गई, उसकी उँगलियाँ उसकी बेल्ट से टकरा रही थीं। अयान ने मदद की, जब उसने उसे आज़ाद किया तो उसकी साँसें तेज़ हो गईं।
वह सुंदर था, उसका लिंग कठोर और धड़क रहा था। निशा ने अपना हाथ उसके चारों ओर लपेटा, उसका अंगूठा उसके सिरे से टकरा रहा था। अयान कराह उठा, उसके कूल्हे उसके स्पर्श से हिल रहे थे।
“निशा,” उसने आवाज़ कर्कश करते हुए चेतावनी दी। “अगर तुम ऐसा करती रही, तो मैं टिक नहीं पाऊँगा।”
निशा मुस्कुराई, उसकी आँखों में शरारत भरी हुई थी। “किसने कहा कि मैं चाहती हूँ कि तुम टिको?”
उसने उसे अपने प्रवेश द्वार तक पहुँचाया, उसका शरीर प्रत्याशा से दर्द कर रहा था। उसने धीरे-धीरे, इंच-दर-इंच अंदर धकेला, ताकि वह उसके आकार के अनुसार समायोजित हो सके। निशा कराह उठी, उसका सिर पीछे की ओर झुक गया। वह बहुत गीली थी, बहुत तैयार थी।
अयान हिलने लगा, उसके कूल्हे उसके कूल्हों से टकरा रहे थे। निशा ने उसकी हरकतों का सामना किया, उनके शरीर एक साथ हिल रहे थे। उनके नीचे टेबल चरमरा रही थी, उनके शरीर के एक साथ आने की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी।
“अयान,” निशा ने हांफते हुए कहा। “तेज़। कृपया, तेज़।”
अयान ने आज्ञा मानी, उसके कूल्हे उसके कूल्हों से टकरा रहे थे।निशा की कराहें कमरे में गूंज रही थीं, हर झटके के साथ उसका शरीर कांप रहा था। वह महसूस कर सकती थी कि यह बढ़ रहा है, उसके अंदर खुशी की लहर दौड़ रही है।
अयान के हाथों ने उसकी गांड को जकड़ लिया, उसकी उंगलियां उसके शरीर में धंस रही थीं। वह महसूस कर सकता था कि वह उसके चारों ओर कस रही है, उसके शरीर में ऐंठन हो रही है। उसने अपनी गति बढ़ा दी, उसका खुद का वीर्य निकलने वाला था।
“निशा,” उसने कराहते हुए कहा। “मैं आने वाला हूँ।”
निशा ने उसकी ओर देखा, उसकी आँखें प्यार और इच्छा से भरी हुई थीं। “मेरे साथ आओ, अयान। मेरे साथ आओ।”
उनके शरीर एक साथ हिल रहे थे, उनकी साँसें छोटी-छोटी सांसों में आ रही थीं। अयान ने आखिरी बार उसके अंदर धक्का मारा, उसके शरीर में ऐंठन हो रही थी। निशा चिल्लाई, उसका शरीर फिर से आने पर कांप रहा था, उनके वीर्य का स्राव एक साथ हो रहा था।
वे एक पल के लिए ऐसे ही रहे, उनके शरीर एक दूसरे से सटे हुए थे, उनकी साँसें धीरे-धीरे सामान्य हो रही थीं। अयान ने बाहर निकाला, उसका शरीर संतुष्टि से दर्द कर रहा था। उसने निशा को टेबल से नीचे उतारा, अपनी बाँहों में उसे लपेटा।
“मैं तुमसे प्यार करता हूँ, निशा,” उसने फुसफुसाते हुए कहा, उसके होंठ उसके होंठों से टकरा रहे थे।
“मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ, अयान,” उसने संतोष से भरी आवाज़ में जवाब दिया।
वे एक पल के लिए वहाँ खड़े रहे, उनके शरीर एक दूसरे से सटे हुए थे, उनके दिल एक साथ धड़क रहे थे। बाहर बारिश बंद हो गई थी, सूरज बादलों के बीच से झाँकने लगा था। वे अपने कॉलेज के बाकी जीवन का सामना एक साथ करेंगे, उनका प्यार पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हो गया है।



